कुछ चेहरें /चीज़ें आपके जीवन से इस तरह जुडी हुई होती हैं जैसे स्वयं जीवन! चारों पहर आपके साथ है पर उसके होने का एक अंश मात्र भी एहसास आपको नहीं होता, वो आपमें व्याप्त हैं या आप उसमे ये प्रश्न सदा अनुत्तरित ही रह जाता है।
11 साल की नन्ही उम्र में मुझे अपने से दूर करने की हिम्मत पापा नहीं कर पाए थे, पर मजाल तुम अपने निर्णय से रत्ती भर भी डिगी। पहले-पहल मन सकुचाया पर जब निर्णय लिया तो अंत तक तुम्ही थी जिसने निभाया .. भाई भी जब पहली दफे मिलने आया तो जाते समय अन्दर के झरने को रोक न पाया .. बोला, तेरे बिना घर में बिल्कुल अच्छा नहीं लगता, तू वापस चल ..मैं पापा से बात करता हूँ ! तुम न कभी रोई न मुझे हद से ज्यादा रोने दिया .. जब-जब मैंने हद पार की तुम कठोर होती चली गई। बाल मन था न तो लगता कि शायद ये माँ सगी नहीं है। पर ये बात भी ज्यादा समय मन में ठहरती नहीं थी .. सप्ताह के पहले रविवार का बेसब्री से इंतज़ार होता तुम्हारे आने का और उससे भी ज्यादा तुम्हारे हाथों के बने खाने का! जिस तरह तस्सल्ली से बैठा कर तुम मुझे खाना खिलाती, उसके बाद मेरे सर से सेकड़ों की तादात में जुएँ निकालती और तेल लगाकर दो लम्बी-लम्बी नागिन जैसी चोटियाँ गुथती ( जिन्हें में आने वाले तीन दिन तक ज्यों का त्यों संजोये रखती), मुझे पूरा यकीं हो जाता कि तुम ही मेरी सगी माँ हो!
स्कूली पढाई तो चलो मैंने 90 किलो मीटर की दूरी पर ही पूरी कर ली थी, पर अब मैं मीलों दूर जाने को तैयार थी .. मुझे लगा बस अब तुम सह न पाओगी ... पर ये क्या तुम टस से मस नहीं हुई .. एक आंसूं भी तुम्हारी आँखों से नहीं टपका जब पहली दफे मुझे इस महानगर में पढने को छोड़ गए। मुझे पता है कि पापा मुझसे नज़रें नहीं मिला रहे थे, उन आँखों में समुन्दर जो उमड़ रहा था ..पर तुम!.. तुम्हारे चेहरे पर दूरी का दंश मात्र भी नहीं था! इस रूप को मैं समझ ही नहीं पा रही थी ...... जाते वक्त बस यही कहा "अच्छे से पढना !"
आज चकित हूँ कि कहाँ से लायीं तुम इतना धैर्य ! अपने आंसुओं पर इतना नियंत्रण ! यह नियंत्रण नहीं, तुम्हारा चरित्र है .. संवेदनाओं के परे जाकर ...
"एक नारी द्वारा दूसरी नारी को सशक्त एवं आत्म-निर्भर बनाने वाला चरित्र"
माँ! तुम्हारा मेरे जीवन में होना मेरा जीवन है ..

Its heart touching...
ReplyDeletethank you Neetu Dii :)
Deletereally nice one
ReplyDeleteThank you soooo much :) Isse honsala milta hain ..aur likhne ka :)
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